‘जल प्रकृति का वह अनुपम उपहार है, जिसके बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।यह हमारा सौभाग्य है कि हम एक ऐसे राज्य में रहते हैं, जिसे प्रकृति ने भरपूर मात्रा में पानी के स्रोत दिये
हैं। लेकिन जैसे-जैसे हमारी जरूरत बढ़ी है, इस संसाधन का अनियंत्रित दोहन किया गया और इसका परिणाम यह हुआ कि कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर में काफी गिरावट आयी है।
प्रदेश में 70 प्रतिशत सिंचाई भूजल संसाधनों पर निर्भर है, जबकि पेयजल सेक्टर की लगभग 80 प्रतिशत और औद्योगिक क्षेत्र की लगभग 85 प्रतिशत आवश्यकताओं की पूर्ति भी भूजल स्रोतों से ही की जाती है। कृषि एवम् औद्योगिक
विकास के फलस्वरूप प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है।सरकार के इन प्रयासों में नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश सरकार के ‘‘संकल्प
पत्र-2022’’ में कृषकों की आय दो गुनी करने के उद्देश्य से तथा अतिरिक्त सिंचन क्षमता के सृजन एवं कृषि उत्पादकता में वृद्धि हेतु लघु एवं सीमान्त कृषकों को अनुदान प्रदान करने के उद्देश्य से रू0 5000
करोड़ की लागत से लाभार्थी कृषकों को बोरवेल/ट्यूबवेल, तालाब व टैंक निर्माण के लिए अनुदान प्रदान करने का संकल्प लिया गया।...
प्रदेश का कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्रफल 143.32 लाख हेक्टेयर है,
जिसमें से 103.63 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्रफल की सिंचाई लघु सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित निजी नलकूपों से ही की जाती है। प्रदेश की सिंचन क्षमता में 72.31 प्रतिशत सिंचाई किये जाने में नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग का योगदान है।
इसके साथ ही कृषकों की सिंचाई संबंधी समस्याओं के निराकरण एवं उनके प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए सिंचन सुविधा प्रदान करने हेतु ‘‘मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना’’ के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश सरकार द्वारा रू0 1000 करोड़ के बजट का भी प्राविधान किया गया है। इसके अन्तर्गत लघु सिंचाई
विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में‘‘मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना’’ के अन्तर्गत 1,81,276 उथले नलकूप, 7405 मध्यम गहरे नलकूप, 3409 गहरे नलकूप, 1006 ब्लास्टकूप का निर्माण एवं पूर्व निर्मित
उथले नलकूपो पर 7388 पम्पसेट/हौज/जल वितरण प्रणाली की स्थापना, 284 चेकडैम की मरम्मत, 1401
रूफटाप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना व 100 चेकडैम/तालाबों पर भूस्तरीय सिंचाई सुविधा के रूप में ट्राली माउण्टेड 02 एच.पी. सोलर पम्पसेट की स्थापना का कार्य किया जा चुका है।